रक्षाबंधन

रक्षाबंधन_विशेष
           रक्षाबंधन विशेष पर्व माना जाता हैं।
रक्षाबंधन
एक धागा हैं। बहन अौर भाई कें प्रेम का जहाँ भाई बहन को उसकी रक्षा का वचन देता हैं। कि मैं जीवन तक सदा तेरी
सहायता करुंगा। पर ये कहाँ तक संभव हैं।

जिन में जितनी बुद्धि हैं,तितनो देत बताय।
बाको बुरा ना मानियो,अौर कहाँ से लाय।।

हर साल कितने हीं भाई मृत्यु को प्राप्त होते हैं। एक दुसरे कि
रक्षा करने का वचन देने के वाद भी।
यदि बहन के भाई को बांधे गए धागे में इतनी शक्ति होती तो किसी माँ की कोख ना उजडती।

यदि  धागे में इतना शक्ति होती तो किसी भाई कि बाईक 
एक्सीडेंन मे मौत ना होती।

यदि भाइ बहन की रक्षा करनेका वचन भरता हैं। तो उस
समय वो भाई होता हैं। जब उसकी या किसी अौर कि बहन की 
इज्जत को कोई भेडिया लुट रहा होता हैं।
उस बहनों की ये हालत ना होती।
यदि भाई के वचन में इतनी ताकत होती हैं। तो बहन की 
विधवा होने से क्यों नहीं बचा पाता वो भाई ??

भाई कि कलाई पे बांधे धागे इतनी शक्ति होती तो बोडर  पर लड रहे सैनिकको सहिद न होना पडता।

रक्षा केवल परमात्मा कर सकते हैं। 
परमात्मा के वचन में शक्ति हैं।
परमात्मा के नाम में शक्ति हैं।
परमात्मा के अाशीवार्द में शक्ति हैं।
परमात्मा के दिए गए रक्षा सुत्र में शक्ति हैं। जो हमें हर विपदा से पल पल बचाता हैं।

यहाँ हमारे जो रिश्तेदार संस्कारवश बने हैं। उनमें हमारा विशेष मोह होता हैं। इस मोह से मुक्त होने का केवल एक हीं रास्ता हैं। सतभक्ति

लोक कथाअों पर अाधारित त्यौहार  अौर भक्ति करते हुए
संसार की हालत अाप सब देख हीं रहे हो।

सतभक्ति कि राह पर केवल सतगुरु हीं ला सकते हैं। मानव
कि इतनी अौकात नहीं हैं। कि वह किसी की भी रक्षा कर सके।

सारे त्यौहार पुजा दिखावा हैं। 
इन से कुछ हासिल नहीं होगा।

अाबा सब जग देखिया जात, ना देखी कोई।
अाबत जात लखई सोइ जाको गुरुमत होई।।

आने-जाने के इस रहस्य को वहीं समझ पाता हैं।जासने गुरु से आत्मा तत्व कर ज्ञान प्राप्त किया हो।
वह पूर्ण परमात्मा कौन हैं? तथा उस सतगुरु कि क्या लक्षण
हैं। जोअापको परमात्मा का ज्ञान बताएगा जान्ने के लिए पढे पुस्तक ज्ञान-गंगा!

अवश्य देखिए जगतगुरु संत रामपाल जी महाराज जी के अमृत वचन 
1)साधना चैनल पर रात्रि 7:30 से 8:30 बजे तक
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